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खूबसूरत ग़ज़ल

जब जब लगा हमें कि खुशी अब सँवर गयी हमसे छुड़ा के हाथ न जाने किधर गयी। तुम मिल गए हो तब से हमे लग रहा है यूँ बिखरी थी जितनी ज़िन्दगी उतनी निखर गयी। गुल की हरेक पंखुरी को नोच कर कहा त...