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गीत- वो बदले तो मजबूरी है.....

तन और मन है पास बहुत फिर, सोच-सोच में क्यों दूरी है? हम बदले तो कहा बेवफा, वे बदले तो मजबूरी है। गंगा के तट बैठ रेत के,बना-बना के महल गिराये। उसने हमको, हमने उसको जाने कितने सपन दिख...