Official website: www.kavivishnusaxena.com


एक दीवाली यहाँ भी मना लीजिये........


झील के जल सी ठहरी है एक ज़िंदगी
आप ही छू के लहरें उठा दीजिये,
मेरे घर अन्धेरों का मेला लगा
एक दीवाली यहाँ भी मना लीजिये।

बांध लो तुम जो ज़ुल्फें सवेरा सा हो
और बिखेरो यहाँ रात हो जायेगी,
चाहे मुँह फेर कर यूँ ही बैठे रहो
तुम से फिर भी मेरी बात हो जायेगी,
मुद्दतों से न सूरज इधर आ सका-
दूरियों की घटायें घटा दीजिये।

जाने चन्दा से रूठी है क्यूँ चाँदनी
नींद भी रूठ बैठी मेरी आँख से,
रूठी-रूठी लहर आज तट से लगे
पर न भँवरा ये रूठा कँवल पाँख से,
मन तुम्हारा भी दरपन सा हो जायेगा-
धूल इस पर लगी जो हटा दीजिये।

जब भी आँखों में झाँका घटायें दिखीं
अब तो बरसेंगी ये सोचने मन लगा,
तन झुलसता रहा, पर न बारिश हुयी
प्यासा-प्यासा सा हर बार सावन रहा,
स्वांति की न सही बूँद आँसू की दे

प्यास चातक की कुछ तो बुझा दीजिये।

10 comments:

GOPAL BIHARI MOURYA said...

VISHNUJI IN SARTHAK VA MULYAVAN KAVITA KE LIYE APKA HARDIK ABHINANDAN KARTA HU.
GOPAL BIHARI MOURYA
MUMBAI

अल्पना वर्मा said...

हमेशा की तरह यह भी बहुत ही सुन्दर कविता..
.........
आपको और आपके परिवार में सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

atulgaur said...

.sir sapriwar aapko deepawali subh aur mangalmay ho aur iswer aapki kamnaye puri kare yahi meri kaamana hai.

atulgaur said...

sir sapriwar aapko deepawali subh aur mangalmay ho aur iswer aapki kamnaye puri kare yahi meri kaamana hai.

atulgaur said...

sir sapriwar aapko deepawali subh aur mangalmay ho aur iswer aapki kamnaye puri kare yahi meri kaamana hai.

प्रकाश गोविन्द said...

मन तुम्हारा भी दरपन सा हो जायेगा-
धूल इस पर लगी जो हटा दीजिये ....
-
-
वाह ,,,वाह क्या बात है ... बहुत सुन्दर
आपके सभी गीत सीधे दिल तक पहुँचते हैं
-
-
प्रकाश पर्व पर आपको बहुत-बहुत शुभ कामनाएं !!!

Shivendra1221 said...

sir i have not enough knowledge about writing but u are best i think it is the best made by you but you live in my heart thank you very much for providing these type of ornaments. Sir I also try to written and give my best.

Anonymous said...

Sir,
spellbound a grand salute to u n ur creation

Anonymous said...

Good

pUSHPENDRA PATEL said...

Nice Sir