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रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा.......

रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, एक आई लहर कुछ बचेगा नहीं।

तुमने पत्थर सा दिल हमको कह तो दिया पत्थरों पर लिखोगे मिटेगा नहीं।

मैं तो पतझर था फिर क्यूँ निमंत्रण दिया

ऋतु बसंती को तन पर लपेटे हुये,

आस मन में लिये प्यास तन में लिये

कब शरद आयी पल्लू समेटे हुये,

तुमने फेरीं निगाहें अँधेरा हुआ, ऐसा लगता है सूरज उगेगा नहीं।

मैं तो होली मना लूँगा सच मानिये

तुम दिवाली बनोगी ये आभास दो,

मैं तुम्हें सौंप दूँगा तुम्हारी धरा

तुम मुझे मेरे पँखों को आकाश दो,

उँगलियों पर दुपट्टा लपेटो न तुम, यूँ करोगे तो दिल चुप रहेगा नहीं।

आँख खोली तो तुम रुक्मिणी सी लगी

बन्द की आँख तो राधिका तुम लगीं,

जब भी सोचा तुम्हें शांत एकांत में

मीरा बाई सी एक साधिका तुम लगी,

कृष्ण की बाँसुरी पर भरोसा रखो, मन कहीं भी रहे पर डिगेगा नहीं।

29 comments:

कुमार संतोष said...

विष्णु जी आपकी ये रचना दिल को भा गई वाकई में क्या खूब कहा है..

"रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, एक आई लहर कुछ बचेगा नहीं।

तुमने पत्थर सा दिल हमको कह तो दिया पत्थरों पर लिखोगे मिटेगा नहीं।"

Yatesh Garg said...

wah dr. sahab, dhamal kar diya aapne is kavita me.Ek-2 shabd me jaaaan hai.''UNGLIYON ME DUPATTA LAPETO NA TUM..'' aap ye shabd late kaise ho plz mujhe bhi bata do.

Alpana Verma said...

हमारे एक मित्र प्रकाश गोविन्द जी से आप के बारे में बहुत बार सुना था ,आप का यह गीत 'रेत पर.. उनसे ही सुना था .आज अंतर्जाल पर आप को देख कर बहुत खुशी हुई.
आप बहुत ही अच्छा लिखते हैं .

Alpana Verma said...

इस गीत को पढ़ने दोबारा आई ..आप का यह गीत मुझे सब से अधिक पसंद है .

kalpendra kashyap said...

A beautiful song I like most. I've listened you at farrukhabad.

Anonymous said...

जुड़िये हिंदी कवि व गीतकार डॉ. विष्णु सक्सैना के इस पेज के साथ ......
http://www.facebook.com/pages/%E0%A4%A1%E0%A5%89-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%81-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A4%BE-Dr-Vishnu-Saxena/164331323630582?sk=wall

Alok said...

प्रिय विष्णु जी,
आप लिखते तो अच्छा हैं ही, कविता पढ़ने का आपका अंदाज बहुत खूबसूरत है. खास कर यह कविता आपको टीवी पर पढते देख बस मन ने यही कहा ... “ दुनिया में यूँ तो हैं सुखनवर और भी अच्छे....”
साधुवाद.

आपका
आलोक सिन्हा, पटना

Unknown said...

wah kavita likhi sir dil ko chhu k nikal gayi

Unknown said...
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Unknown said...

आपकी समस्त रचनाएँ हृदय को स्पर्श करने वाली हैं।

neeraj garg said...

हर्दिय स्पर्शी

Unknown said...

Heart touching poem sir

Unknown said...

Dr. Vishu Ji I am die heart fan of your poems but ur this poem is ultimate...

and If we would like to call you in our function how can we reach you...?

Unknown said...

Dr. Vishu Ji I am die heart fan of your poems but ur this poem is ultimate...

and If we would like to call you in our function how can we reach you...?

Unknown said...

Wah wah Vishnu sir, Kya baat hei!!Sachh mein sir,E git dil ko chhun gaya...

Unknown said...

Wahh sir
Kya khub Likha h Apne

Unknown said...

Kya likhu apke bare me
Sabd km PD jaenge

Unknown said...

Kya likhu apke bare me
Sabd km PD jaenge

Unknown said...

अन्तर्मन को छूती है आपकी पंक्तियाँ

Unknown said...

Devi g mere channel par sunlo maine bhi gaya ha

Unknown said...

आदर्णीय गुरु जी विष्णु सक्सेना को प्रणाम आप की प्यार
महोब्बत की पंक्तिया मेरे मन को भा गई और में आप की सुंदर वाणी को बहुत मिस करता हु ओर आप का आशीर्वाद चाहता हु

Unknown said...

आदरणीय गुरु श्रेष्ठ आपके चरणों में सादर चरण वंदन आपने अपनी कविताओं के माध्यम से प्रेम को जो अभिव्यक्ति दी है उसके लिए आपको बार-बार सादर नमन

Unknown said...

बहुत ही सुंदर अद्भुत पंक्तिया

Unknown said...

करीब १० साल पहले यह कविता सुनी थी इतनी मन में बस गयी थी फिर कोई जमी नहीं, तब ये शायद सहारा इंडिया के मैगजीन में छपी थी। अब दुबारा पढ़ बहुत अच्छा लगा

Vivek Tiwari said...
This comment has been removed by the author.
Vivek Tiwari said...

pyar ne pyar ko jo pukara kabhi ...
tum badal banke angan me aana priye ....
banke kali ghata , ha banke kali ghata banke kali ghata mughpe barash jana priye ....
dil ne dil ko jo awaj di , pyar ne pyar ko jo pukara kabhi , banke kali ghta banke kali ghata mughpe barash jana priye ....
dedicated only for my love .....

Unknown said...

koi bhi prem ka kavi is samay dhara par aap jaisa nahi hai mai u tube pe hamesha hi aapko sun raha hu.

Unknown said...

बहुत अच्छा लिखते हैं डाक्टर साहब मै तो आपका पुराना आशिक हूँ

Unknown said...

love u