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संस्मरण- कोटा के एक विद्यालय का

आज दिनांक 24 मार्च को झालावाड़ जाते समय कोटा में हमारे मित्र श्री महावीर विजय वर्गीय जी के 4 विद्यालय हैं उनमें से एक जूनियर विंग में जाना हुआ, वहां दो स्कूलों का वो स्टाफ एकत्र था जिन लोगो ने अब तक मुझे सदा यू ट्यूब और दशहरा मेले में दूर से सुना था। उनके बीच मे सवा डेढ़ घंटे अपने अनुभव बांटे। उनका स्टाफ अभिभूत था। एक श्रोता ने  अपनी अनुभूति कुछ इस तरह मुझे भेजी......

परम आदरणीय चेयरमैन सर व  डायरेक्टर सर सादर नमस्कार !
मैं पूरे शाला परिवार की ओर से आपका शुक्रगुजार हूं कि आपने देश के प्रतिष्ठित कवि एवं गीतकार श्री विष्णु सक्सेना से हम सब को रूबरू करवाया  आप की कृपा से   हमे  एक महान कलाकार को इतने निकट से देखने-सुनने का अवसर मिला इसके लिए हृदय से आपका आभार व्यक्त करता हूं !
  ये मेरे हृदय के भाव हैं जिनको मैं समयाभाव एवं शिष्टाचारवश उस समय व्यक्त नहीं कर सका परंतु मैं आपके माध्यम से श्री विष्णु सक्सेना जी तक अपने हृदय के भावों को व्यक्त करना चाहूंगा ! मैं अभी तक उस रोमांच को अनुभव कर रहा हु|
आज का दिन bsn के शिक्षकों के लिए एक यादगार पल  रहेगा
वर्तमान में अनेक कवि सम्मेलनों में अनेक कवि एवं गीतकारों को देखने सुनने का अवसर प्राप्त हुआ परंतु उनमें अधिकांशत केवल चुटकुले सुनने को मिलते हैं परंतु आपके गीतों को सुनकर लगता है कि महान कवि हरिवंश राय बच्चन ने जिस परंपरा की शुरुआत की थी वह अभी  जीवित है ,आप के मुक्तक व श्रृंगारगीत हृदय के भावों को नवीन ऊर्जा प्रदान करते हैं ,दैनिक जीवन के उत्तरदायित्व का निर्वाह करते शुष्क हृदय को नया उत्साह प्रदान करते हैं !
जैसा कि आपने बताया कि जब आप आकाशवाणी में कार्यरत थे तब आपकी आवाज बहुत अच्छी थी परंतु अब इतनी अच्छी नहीं है इस बात से मैं तो क्या कोई भी स्रोता सहमत नहीं होगा क्योंकि आपकी आवाज इतनी मधुर है कि आपको किसी संगतकार की आवश्यकता ही नहीं कोई साज न होते हुए भी ईश्वर ने आपको उस कंठ से नवाजा है जिसकी मधुर ध्वनि हजारों लाखों स्रोताओं की आत्मा की प्यास बुझाने की शक्ति रखती है आज आपके गीतों को इतने निकट से सुनने का अवसर मिला यह  हमारे बिद्यालय परिवार का परम सौभाग्य है मुझे लगता है वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ऐसा ही अनुभव करता होगा आपके सभी गीतों में श्रंगार नीति व ज्ञान का सुंदर सामंजस्य दृष्टिगोचर होता है ईश्वर से कामना करता हूं कि आने वाले समय में इसी प्रकार आप के गीतों को सुनने का अवसर मिलता रहे!!

बहुत-बहुत साधुवाद आदरणीय 
         
सादर प्रणाम

शैतान सिंह
(हिंदी शिक्षक )

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