मेरे अंदर खोट बहुत है अपनाना हो तो अपनालो, दिल का मंदिर सूना सूना आ जाओ एक दीप जला लो। सच कहता हूँ जीवन भर मैं सुर लय ताल समझ ना पाया, जितना जैसा समझ सका हूँ वैसा ही इस कंठ से गाय...
रंग बिरंगे इस जीवन में कुछ रंग फीके-कुछ रंग गहरे। कुछ रंग आवारा बादल से कुछ रंगों पर बैठे पहरे। बचपन में भोलेपन का रंग यौवन में जोशीले रंग थे, प्रौढ़ हुए बेबस रंग छलके रंग बुढ़...
दम घुटता हो बीच में जिनके वो सब दीवारे ढहने दो। ना मेने कोई ध्यान लगाया और न कोई करी तपस्या। इसी लिए जीवन मे सारे समाधान बन गए समस्या मन की मन में रह ना जाये इसीलिए वो सब कहने द...
ज़िन्दगी बिन तुम्हारे कहाँ ज़िन्दगी, खुशनुमा ज़िन्दगी की तुम्ही आस हो। मेरा दिल हो तुम्ही उसकी धड़कन तुम्ही जिस्म में आती जाती हुई श्वास हो। अब न मंदिर न मस्जिद सुहाता मुझे प...
मत घबरा तुझमें और मंज़िल में थोड़ी सी दूरी है। चाहे जितना भी मुश्किल हो पहला कदम ज़रूरी है। सूरज को मत देख घूर,कर, तुझको अंधा कर देगा, तेरे जीवन मे पूनम की जगह अमावस धर देगा, क्यो भ...
जिसको जीवन भर समझा था सपनों का इक घर खुली आँख तो पाया- टूटा फूटा सा खंडहर। घर के बिल्कुल पास समंदर खूब गरजता था, पर देहरी छूने का साहस कभी न करता था, ऊंची ऊंची लहरें फिर भी, नीची ...
हसीन ख्वाब लिये में उधर से निकला था। नज़र बचा वो बड़े ही हुनर से निकला था। जहान भर की नियामत लुटाई रब ने तभी क़लम को साथ लिए जब भी घर से निकला था वो बस सुलाता रहा चाँद और सितारों क...
रातें कितनी ही लंबी हों फिर भी होगी भोर। छिपा हुआ है हर सन्नाटे में प्यारा सा शोर।। आँसू की जो नादिया तेरे पास बहाकर देख, इसमें मुस्कानों की तू इक नाव चला कर देख, बहते जाना बह...
लक्ष्य बिल्कुल सामने है और प्रत्यंचा तनी है उड़ रही है एक चिड़िया आँख उसकी भेदनी है।। आँख का हर एक आँसू हर्ष का संकेत देता, बूंद बारिश की गिरे तो झट मरुस्थल सोख लेता, हर अंधेर...
हर गीत तुझे अर्पित मेरा ऐ मेरे प्यारे हिन्द वतन। सांसे तेरी जीवन तेरा तुझ पर निसार यह तन मन धन।। वो वीर लड़ाकू सैनिक जो सीमा पर तन कर बैठे हैं। अपने दुश्मन को धूल चटा देंगे ये ...
दो बूंदे क्या बरसीं नभ से-डाल दिया यादों ने डेरा। रात, हाथ मे राखी ले ली-जाने कब हो गया सवेरा।। मैं छोटा तुमसे फिर भी तुम मुझसे बहस किया करतीं थीं, मुझे सता कर, मुझे चिढ़ा कर मेरी ...
बुरा बुढापा,भली जवानी लेकिन सबसे अच्छा बचपन निर्मल जल सा, साफ-साफ है इस बचपन के मन का आँगन। दिल चाहे जी भर दुलराए दिल चाहे झट चुम्बन ले ले निश्छल सा बचपन भी चाहे वो सबकी बाहो...
अंश प्रखर श्रेया और आर्यन सब मेरे घर आना, जन्म दिवस है मेरा देखो कोई भूल न जाना, चौकलेट केक मँगाया उस पर क्रिकेट टीम बनवाई, रंग-बिरंगे गब्बरों से हर दीवार सजाई , तरह-तरह के मास्...
चॉकलेट मुझको मत दो रह जाऊंगा मैं बिन खाये, ऐसी कार दिला दो पापा जो चंदा के घर जाए। रंग बिरंगे स्टीकर्स लगा कर चारों ओर सजा दूंगा, अगर कोई रस्ते में आया झट से हॉर्न बजा दूंगा, उस...
बेबसी के तम घनेरे कब तलक हमको छलेंगे? ये अन्धेरे तब छटेंगे दीप बन जब हम जलेंगे। चाहता है हर कोई हमको फँसाना जाल में, कुछ न कुछ लगता है काला ज़िंदगी की दाल में, हर तरफ फन को उठाये न...
कैसे आएं खुली सड़क पर तंग बहुत ब्रज की गलियां हैं। जोग सिखाये कैसे ऊधौ सब कान्हा की बांसुरियां हैं। तम ही तम पसरा है चारों ओर ये कैसी पूनम आयी, अंतर्तम हो गया प्रकाशित मावस न...
जिसको जीवन भर समझा था सपनों का इक घर खुली आँख तो पाया- टूटा फूटा सा खंडहर। घर के बिल्कुल पास समंदर खूब गरजता था, पर देहरी छूने का साहस कभी न करता था, ऊंची ऊंची लहरें फिर भी, नीची ...