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गीतकार डॉ.विष्णु सक्सैना: गीत

गीतकार डॉ.विष्णु सक्सैना: गीत

9 comments:

Nidar said...

namaskar, bhai saheb, Agra me chadik mulakaat ho saki, lakin urja ka vinimay ho gaya. aapka blog dekha achhaa laga. mera sujhav hai ki is per sahitya ki tatkalik ghatnao or halaat per bhi kuch likhte rahen.

mere 2 blog
hichkki or bibhishan google search per upnabdh hain. dekhne ki kripa karen.


Ami Adhar Nidar
Agra

Dr. Ram Akela said...

Dada Namaskar...

Ek prshan... Aap apne baad ki peedi ke yuva rachnakaro ke liye kya kar rahe hai...?

or kavi sammelano ke manch per banavati/dikhavati kaviyo ke saath ka sukhad / dukhad anubhav kya raha ab tak..??

Dr. kavita 'kiran' (poetess) said...

vishnuji aapke blog ki yatra ki.kuch der aapke geeton ki ganga ke sath bahi.sukhad laga.kabhi hamare blog per bhi tashreef layen.
kavitakiran.blogspot.com
dhanywaad.

माणिक said...

आपके ब्लॉग पर आकर कुछ तसल्ली हुई.ठीक लिखते हो. सफ़र जारी रखें.पूरी तबीयत के साथ लिखते रहें.टिप्पणियों का इन्तजार नहीं करें.वे आयेगी तो अच्छा है.नहीं भी आये तो क्या.हमारा लिखा कभी तो रंग लाएगा. वैसे भी साहित्य अपने मन की खुशी के लिए भी होता रहा है.
चलता हु.फिर आउंगा.और ब्लोगों का भी सफ़र करके अपनी राय देते रहेंगे तो लोग आपको भी पढ़ते रहेंगे.
सादर,

माणिक
आकाशवाणी ,स्पिक मैके और अध्यापन से सीधा जुड़ाव साथ ही कई गैर सरकारी मंचों से अनौपचारिक जुड़ाव

अपनी माटी

माणिकनामा

अपनी माटी ब्लॉग अग्रीगेटर

शोभित जैन said...

विष्णु जी ,
आपको मंच पर से सुनने का अवसर तो कई बार मिला और कई सम्मेलनों में तो सिर्फ आपको सुनने ही जाते थे ....आज ब्लॉग महाराज की कृपा से सीधे सीधे भी जुड गए ...परन्तु आपके ब्लॉग में "Followers" वाला टेग कहीं नहीं दिखा ...

संगीता पुरी said...

इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

Dr. shyam gupta said...

हां कुछ सुनाएं।

.............Aur Kinaare Me or tu said...

tera muilna bot acha lahta h///muje tu bhi mera jesa lahe h///

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .