Official website: www.kavivishnusaxena.com


गीत

याद तुम्हारी कर के जब भी मेरे नयन सजल हो बेठे;
मन हो गया भागीरथ जेसा आंसू गंगा जल हो बेठे.
जीवन तो एक समझौता है
पल में हँसना पल में रोना,
एक तरफ़ फूलों से शादी
एक तरफ़ काँटों से गौना,
शायद कोई शिव मिल जाए सोच के यही गरल हो बेठे;
[शेष संकलन में]

4 comments:

abhinav said...

wow! this piece is briliant!

abhinav said...

wow! this piece is briliant!

इस्मत ज़ैदी said...

विष्णु जी ,
बहुत सुंदर ,आप के गीतों का तो जवाब ही नहीं,

शायद कोई शिव मिल जाए सोच के यही गरल हो बेठे;

वाह!

http://www.ismatzaidi.blogspot.com/

कभी यहं भी तशरीफ़ लाइए ,शुक्रिया

HEMANT JAIN said...

बहुत खूब विष्णुजी ...